देश के एक जाने माने कवी है सम्पत सरल, एक बार उन्होंने एक कवी सम्मलेन में एक तमाशबीन राजा की कहानी सुनाई थी।
आज जब NEET पेपर लीक होने के बाद दुबारा से NEET का आयोजन हुआ तो सरकार ने पेपर लीक को लेकर जो कदम उठाये उसे लेकर वही तमाशबीन राजा की कहानी याद आ गई।
सरकार ने पहला कदम उठाया
पेपर एयरपोर्स के लड़ाकू विमानों से लाये जाएंगे।
और फिर मिडिया के जरिये हमारी एयरफोर्स केहेलीकॉप्टर से सेंटर तक पेपर पहुंचाने के विजुअल्स दिखाए गए ताकि जनता को लगे सरकार कुछ कर रही है। ये तो ऐसे कर रहे है जैसे पेपर को रास्ते में लूटते थे तो अब हमारी सेना ने बड़े सुरक्षित तरीके से हवाई मार्ग से पेपर सेंटर तक पहुचाये है ताकि कोई रास्ते में पेपर की लूट न हो?
उसके बाद अगला कदल
NEET के दुबारा एग्जाम को लेकर देश भर में Mock drill.
अरे भाई किस चीज का mock ड्रिल यानी आपने उस मॉकड्रिल में क्या किया?
सोशल मिडिया के जरिये जो विजुअल्स दिखाए गए उसमे एक वीडियो में एक सेना का जवान सभी कुर्सियों पर एक मशीन से (डिटेक्टर) से स्कैन करता दिखा बाकि कुछ वीडियो में स्टेशन पर पुलिस के साथ कुछ लोग (शायद टीचर) खड़े दिखाई दिए तो कुछ में स्कूल के गेट के सामने कुछ लोग (शायद टीचर) खड़े दिखाए दिए जिनमे वो आपस में एक दूसरे को हाथो के इशारे करके कुछ कह रहे हो।
आखिर इससे क्या हासिल हुआ?
फिर एक और कदम उठाया
NEET पेपर की सुरक्षा के मध्य नजर सरकार ने Telegram को बैन कर दिया
Telegram access restricted in India for re- NEET following recommendations of NTA
— ANI (@ANI) June 16, 2026
"Ministry of Electronics and Information Technology has issued notification a direction under Section 69 A of the Information Technology Act, 2000, restricting access to the Telegram platform in… pic.twitter.com/3TzJepOoej
पता नहीं क्या सोचकर सरकार ने ये कदम उठाया होगा जैसे की पेपर माफिया को केवल टेलीग्राम APP का ही पता है इसके अलावा उन्हें किसी दूसरी एप की कोई जानकारी नहीं है और हाँ VPN (जिससे किसी भी देश वो कंटेंट देखा जा सकता है और वो अप्प चलाई जा सकती है जिसे उस देश में ban किया गया हो) भी कुछ होता है ये तो ये लोग जानते ही नहीं।
अब बात तमाशे बाज राजा की थी तो खुद की एंट्री के बिना तो तमाशा पूरा हो ही नहीं सकता था तो आखिरी खबर ये मिडिया में चलाई गई की प्रधानमंत्री मोदी ने airport पर इंतज़ार किया और इस ख़बर को इस तरीक़े से महिमामंडित किया गया जो की मीडिया पिछले 13 साल से कर ही रहा है की पता नही प्रधानमंत्री ने कौनसा बड़ा काम कर दिया।
NEET छात्रों के लिए रुके PM मोदी, एयरपोर्ट पर किया इंतजार
— AajTak (@aajtak) June 21, 2026
छात्र पहले, प्रोटोकॉल बाद में... PM मोदी ने एयरपोर्ट पर किया इंतजार
ज्यादा जानकारी दे रहे हैं संवाददाता हिमांशु मिश्रा#PMModi #NarendraModi #NEET #NEET2026 #DelhiAirport | @Himanshu_Aajtak pic.twitter.com/SAcDQwhsLv
जबकि हक़ीक़त ये है की प्रधानमंत्री १:१५ पर airport पहुचें उन्हें बाहर निकलने में १०-१५ मिनट तो लगने ही थे, तो फिर उन्हें ऐसा क्या स्पेशल कर दिया जिसका महिमामंडन किया जा रहा है।
ख़ुद NTA की तरफ़ से साफ़ निर्देश थे की ११ बजे सेंटर में एंट्री स्टार्ट होगी और १:३० बजे के बाद सेंटर पर एंट्री नही होगी तो स्वाभाविक है ९९% स्टूडेंट तो १ बजे से पहले ही पर पहुँच गए होंगे
🩺 All the best to every NEET (UG) 2026 candidate!
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 21, 2026
This is the day you've prepared for. Stay calm, trust yourself, and give it your best - you've earned this moment.
⏰ Important timings
Entry begins: 11:00 AM
Last entry: 1:30 PM (no entry after this)
📋 Carry with you
✅…
तो तमाशेबाज राजा ने तमाशे में कोई कमी नहीं रखी लेकिन वास्तिविक प्रॉब्लम और उसके समाधान के लिए क्या किया?
आज ही NEET एग्जाम सेंटर से रोते बिलखते छात्र छात्रों की वीडियो सोशल मिडिया पर चल रही है समय से पहले ना पहुंचने या कुछ २-४ मिनट देर से पहुंचने पर उन्हें एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं मिली और इन छात्र छात्राओं का एक और साल की नाकामी की वजह से बर्बाद हो गया।
कितने ही स्टूडेंट ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उनका भविष्य इस सरकार ने बर्बाद कर दिया।
एक स्टूडेंट का सेंटर तो सेंटर ही आबूधाबी का आ गया, अब स्टूडेंट के पास ना पासपोर्ट है ना टिकट के लिए पैसे है और उससे भी बड़ी बात अगर पासपोर्ट और पैसे हो भी तो 2 दिन में वीजा कौन देगा?
जब सोशल मिडिया पर ये मुद्दा बना (क्योंकि आजकल मिडिया का काम तो सरकार का गुणगान है ना की जनता की आवाज उठाना है तो केवल सोशल मिडिया ही जनता का सहारा है वहां भी जिस पार्टी के सरकार है उनके गालीबाज समर्थक आपकी आवाज दबाने के लिए बैठे रहते है) तो NTA की तरफ से बयान आया की स्टूडेंट से खुद सेंटर आबूधाबी चुना था, तो कोई इन महानुभावो से पूछे की जब परीक्षा भारत में हो रही है तो वहां सेंटर के ऑप्शन में अबुधाबी था ही क्यों?
अपनी हर नाकामी का ठीकरा जनता पर फोड़ने के अलावा इस सरकार के पास कोई और काम नहीं है।
असल में जो पेपर लीक के पीछे लोग है उन्हें सजा देकर ऐसा Example सेट क्यों नहीं किया की कभी किसी और की हिम्मत ना हो ऐसे सोचने की भी।
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