जब 40 रूपये किलो चीनी थी तो भाजपाई अपने चुनाव प्रचार में बोलते थे अगर आप चाहते हो की चीनी 13 रूपये किलो चाहिए तो कमल का बटन दबाकर भाजपा को जिताये।
और जनता ने धड़ाधड़ कमल के बटन दबाये, इतने दबाये की लगभग भारत के हर राज्य में भाजपा सत्ता में है लेकिन चीनी?
चीनी के भाव 13 तो नहीं हुए लेकिन 66 जरूर हो गए।
मोदी के सत्ता में आने के बाद से अब तक चीनी के भाव आप निचे दिए ग्राफिक्स में देख सकते है, कम तो कभी नहीं हुए लेकिन बढ़ते ही गए और इतने बढे की चीनी भी अब आम आदमी के पहुंच से बाहर की बात हो गई है।
स्मृति ईरानी ने चुनावी सभा के दौरान जनता से पूछा चीनी क्या भाव मिल रही है?
४० की मिल रही है ना?
कमल का बटन दबाओं चीनी १३ रुपए किलो मिलेगी
मोदी जी ने कहा है की ६ तारीख़ को कमल का बटन दबाओ चीनी १३ रुपए किलो मिलेगी।
अब वो चीनी कहाँ से कहाँ पहुँच गयी वो सबके सामने है।
विडीयो स्मृति ईरानी चीनी
किस तरह से जनता को बेवक़ूफ़ बनाया जाता है वोट लेने के लिए और वोट लेने के बाद उसी जनता को लूटने में कोई कसर नही छोड़ते।
अभी एक और ख़बर पढ़ी
भाजपा सरकार के केबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने तो ये तक कह दिया की चीनी के बड़ते दामों में सरकार को कोई रोल नही है, चीनी का भाव बाज़ार तय करता है।
आजकल चीनी के दाम देशभर में बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले एक महीने में चीनी की कीमतों में तकरीबन 10 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी की खबर है, वहीं हरियाणा में चीनी का खुदरा भाव लगभग 60 से 65 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है, ऐसे में आज पानीपत में ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग लेने… pic.twitter.com/qylQRktBGZ
अब कोई इन्हें पूछे फिर सरकार और सरकार के सभी मंत्री क्यों जनता के पैसे से ऐशो आराम करते है जब सरकार कुछ करती ही नही है।
एक और ख़बर पढ़ी,
सरकार ने चीनी के आयात को ड्यूटी फ़्री कर दिया है
Government has allowed duty-free import of up to 10 lakh metric tonnes (MT) of raw sugar under the Tariff Rate Quota (TRQ) scheme till October 31, 2026. pic.twitter.com/bJJcOOEAjm
One more reason for Chikna Raghav Chadha NOT to come back to Bharat!
🔥ED has found proofs that ₹10 Crore bribe money from Delhi Jal Board Scam was ALSO channelled into (P)AAP's Election Funds. ED is pursuing Money Laundering in case initially registered by CBI.
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया लेकिन दिल्ली जल बोर्ड में घोटाला करने वाले राघव चड्ढा को राज्यसभा भेज दिया और हवाला से पैसा कमाने वाले सत्येंद्र जैन को अपना स्वास्थ्य मंत्री बनाया हुआ है।क्या ये केजरीवाल के कमीशन एजेंट है इसलिए इन्हें नहीं हटाया।
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) May 25, 2022
Chikna Raghav Chadha has made a very timely Exit! He knew he was next in line to reach ED Custody!
🔥In another huge setback to (P)AAP...ED had filed charge sheet against former DJB Chief Engineer, a contractor, a CA & a former NBCC officer in Delhi Jal Board money laundering… pic.twitter.com/7tacwu8Bno
अरे भाई, यह नटवरलाल की औकात तो peon की भी नहीं रही।
Delhi ordinance passed by #ModiGovt gives L-G, NOT ONLY Final say in Transfers & Postings of bureaucrats in Delhi UT Govt...it ALSO gives Overriding Power to L-G to form Boards & Commissions, Select Members through Central Acts…
LG V K Saxena has ordered FIR against Delhi Jal Board Officials & Collection Company for embezzling ₹20 Crore water bills. Inspite of Not Depositing water bills COLLECTED IN CASH..Co's contract was Extended by DJB.
"Chikna"Raghav Chadha is VICE CHAIRPERSON of DJB! Connect dots!
आज जब NEET पेपर लीक होने के बाद दुबारा से NEET का आयोजन हुआ तो सरकार ने पेपर लीक को लेकर जो कदम उठाये उसे लेकर वही तमाशबीन राजा की कहानी याद आ गई।
सरकार ने पहला कदम उठाया
पेपर एयरपोर्स के लड़ाकू विमानों से लाये जाएंगे।
और फिर मिडिया के जरिये हमारी एयरफोर्स केहेलीकॉप्टर से सेंटर तक पेपर पहुंचाने के विजुअल्स दिखाए गए ताकि जनता को लगे सरकार कुछ कर रही है। ये तो ऐसे कर रहे है जैसे पेपर को रास्ते में लूटते थे तो अब हमारी सेना ने बड़े सुरक्षित तरीके से हवाई मार्ग से पेपर सेंटर तक पहुचाये है ताकि कोई रास्ते में पेपर की लूट न हो?
उसके बाद अगला कदल
NEET के दुबारा एग्जाम को लेकर देश भर में Mock drill.
अरे भाई किस चीज का mock ड्रिल यानी आपने उस मॉकड्रिल में क्या किया?
सोशल मिडिया के जरिये जो विजुअल्स दिखाए गए उसमे एक वीडियो में एक सेना का जवान सभी कुर्सियों पर एक मशीन से (डिटेक्टर) से स्कैन करता दिखा बाकि कुछ वीडियो में स्टेशन पर पुलिस के साथ कुछ लोग (शायद टीचर) खड़े दिखाई दिए तो कुछ में स्कूल के गेट के सामने कुछ लोग (शायद टीचर) खड़े दिखाए दिए जिनमे वो आपस में एक दूसरे को हाथो के इशारे करके कुछ कह रहे हो।
आखिर इससे क्या हासिल हुआ?
फिर एक और कदम उठाया
NEET पेपर की सुरक्षा के मध्य नजर सरकार ने Telegram को बैन कर दिया
Telegram access restricted in India for re- NEET following recommendations of NTA
"Ministry of Electronics and Information Technology has issued notification a direction under Section 69 A of the Information Technology Act, 2000, restricting access to the Telegram platform in… pic.twitter.com/3TzJepOoej
पता नहीं क्या सोचकर सरकार ने ये कदम उठाया होगा जैसे की पेपर माफिया को केवल टेलीग्राम APP का ही पता है इसके अलावा उन्हें किसी दूसरी एप की कोई जानकारी नहीं है और हाँ VPN (जिससे किसी भी देश वो कंटेंट देखा जा सकता है और वो अप्प चलाई जा सकती है जिसे उस देश में ban किया गया हो) भी कुछ होता है ये तो ये लोग जानते ही नहीं।
अब बात तमाशे बाज राजा की थी तो खुद की एंट्री के बिना तो तमाशा पूरा हो ही नहीं सकता था तो आखिरी खबर ये मिडिया में चलाई गई की प्रधानमंत्री मोदी ने airport पर इंतज़ार किया और इस ख़बर को इस तरीक़े से महिमामंडित किया गया जो की मीडिया पिछले 13 साल से कर ही रहा है की पता नही प्रधानमंत्री ने कौनसा बड़ा काम कर दिया।
जबकि हक़ीक़त ये है की प्रधानमंत्री १:१५ पर airport पहुचें उन्हें बाहर निकलने में १०-१५ मिनट तो लगने ही थे, तो फिर उन्हें ऐसा क्या स्पेशल कर दिया जिसका महिमामंडन किया जा रहा है।
ख़ुद NTA की तरफ़ से साफ़ निर्देश थे की ११ बजे सेंटर में एंट्री स्टार्ट होगी और १:३० बजे के बाद सेंटर पर एंट्री नही होगी तो स्वाभाविक है ९९% स्टूडेंट तो १ बजे से पहले ही पर पहुँच गए होंगे
🩺 All the best to every NEET (UG) 2026 candidate!
This is the day you've prepared for. Stay calm, trust yourself, and give it your best - you've earned this moment.
⏰ Important timings
Entry begins: 11:00 AM Last entry: 1:30 PM (no entry after this)
📋 Carry with you
✅…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 21, 2026
तो तमाशेबाज राजा ने तमाशे में कोई कमी नहीं रखी लेकिन वास्तिविक प्रॉब्लम और उसके समाधान के लिए क्या किया?
आज ही NEET एग्जाम सेंटर से रोते बिलखते छात्र छात्रों की वीडियो सोशल मिडिया पर चल रही है समय से पहले ना पहुंचने या कुछ २-४ मिनट देर से पहुंचने पर उन्हें एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं मिली और इन छात्र छात्राओं का एक और साल की नाकामी की वजह से बर्बाद हो गया।
कितने ही स्टूडेंट ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उनका भविष्य इस सरकार ने बर्बाद कर दिया।
एक स्टूडेंट का सेंटर तो सेंटर ही आबूधाबी का आ गया, अब स्टूडेंट के पास ना पासपोर्ट है ना टिकट के लिए पैसे है और उससे भी बड़ी बात अगर पासपोर्ट और पैसे हो भी तो 2 दिन में वीजा कौन देगा?
जब सोशल मिडिया पर ये मुद्दा बना (क्योंकि आजकल मिडिया का काम तो सरकार का गुणगान है ना की जनता की आवाज उठाना है तो केवल सोशल मिडिया ही जनता का सहारा है वहां भी जिस पार्टी के सरकार है उनके गालीबाज समर्थक आपकी आवाज दबाने के लिए बैठे रहते है) तो NTA की तरफ से बयान आया की स्टूडेंट से खुद सेंटर आबूधाबी चुना था, तो कोई इन महानुभावो से पूछे की जब परीक्षा भारत में हो रही है तो वहां सेंटर के ऑप्शन में अबुधाबी था ही क्यों?
अपनी हर नाकामी का ठीकरा जनता पर फोड़ने के अलावा इस सरकार के पास कोई और काम नहीं है।
असल में जो पेपर लीक के पीछे लोग है उन्हें सजा देकर ऐसा Example सेट क्यों नहीं किया की कभी किसी और की हिम्मत ना हो ऐसे सोचने की भी।