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शनिवार, 5 मार्च 2016

BJP leader announces Rs 5 Lakh reward for one who can cut off Kanhaiya Kumar's tongue

आज सुबह सुबह जैसे ही मेरे भारत की खबरे जानने  के लिए इंटरनेट चालू किया तो देखा कन्हैया का सर काटने, कन्हैया की जीभ काटने पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा इनाम घोषित किया का चुका है।

भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष कुलदीप ने कन्हैया की जीभ काटकर लाने को पाँच लाख रूपये देने की घोषणा कर दी। (समाचार का लिंक)
उधर दूसरी खबर चल रही थी जिसमे किसी आदर्श शर्मा पूर्वांचल सेना ने पोस्टर लगवा दिए की यदि कोई कन्हैया को गोली मार देगा तो 11 लाख का इनाम देगा।
ज़रा सोचिये क्या चल रहा है ये देश में? कन्हैया सही ही कह रहा है की ये फर्जी राष्ट्रवादी है, और कन्हैया पर देशद्रोह का आरोप केवल इसीलिए लगाया गया क्योंकि वो RSS/BJP की इसी फर्जी राष्ट्रवादिता के खिलाफ बोल रहा था या यो कहे वो इनके फर्जी राष्ट्रवादी होने की पोल खोल रहा था।


कन्हैया की इस बात को इन दोनों घटनाओ से और वजन मिलता है वो सत्य प्रतीत होती है, ज़रा सोचिये इन  भाजपा नेताओं ने कोई ऐसी घोषणा की जिसमे वो कह रहे है की जिन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए जो की अभी भी कानून की पकड़ में नहीं है यदि कोई उन्हें गोली मार देगा तो वो इनाम देंगे?

कश्मीर में रोज पाकिस्तान के झंडे लहराए जाते है और भारत विरोधी  नारे लगते है, किसी भी हिन्दू सेना, बजरंग दल, शिव सेना, भाजपा, आरएसएस किसी भी संगठन ने ऐसी घोषणा की हो की कोई उन्हें मार दे तो वो इनाम देंगे?

नहीं की, किसी ने ऐसी घोषणा नहीं की! क्यों?
क्योंकि वो भारत विरोधी नारे लगा रहे थे RSS विरोधी नहीं और जब कोई RSS विरोधी नहीं है तो इन्हे उनसे कोई लेना देना नहीं है चाहे फिर वो पाकिस्तान के झंडे लहराए, भारत विरोधी नारे लगाए या पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाये। बीजेपी और आरएसएस के लिए इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है हाँ यदि वो RSS के खिलाफ कुछ बोलेंगे तब ये सब बयान बाजी शुरू करेंगे।

देश की जनता के सामने इनके ढोंगी चेहरे एक के बाद एक सामने आ रहे है। इन्हे भारत विरोधी नारे वालो से तो प्यार है तभी तो ना गृह मंत्री जी कोई कार्यवाही करते है की अब तक जिन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए वो पुलिस की पकड़ से दूर क्यों है और ना ही उनके किसी नेता का बयान आता है की जिन्होंने नारे लगाये उन पर इनाम की घोषणा करते है।

चलो आप और हम भी देखते है आखिर कहाँ तक गिरते है ये लोग, और इनके असली चेहरे भी धीरे धीरे सबके सामने आ ही रहे है।

जय हिन्द
वन्दे मातरम

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2016

Delhi Police brutally assaulting student protesters outside RSS office

बहुत ही दुःखद जो कुछ आज देश की राजधानी दिल्ली में हुआ।
शायद ऐसा पहली बार हुआ होगा जब पुलिस और एक संगठन के लोग मिलकर एक दूसरे संगठन के लोगो को पीट रहे हो।
दिल्ली पुलिस की दरिंदगी का नंगा नाच जो इस वीडियो में दिखाई दिया और देखकर हर कोई बोल उठेगा, क्या? दिल्ली में आपातकाल लागू हो गया है? जिस तरह से दिल्ली पुलिस और आरएसएस के लोग मिलकर कुछ शांतिपूर्वक प्रदर्शनकारियों पर अचानक लाठी, डंडे, लात घूंसे बरसाने लगते है उसे देखकर तो यही महसूस होता है जैसे दिल्ली में मोदी सरकार ने आपातकाल लागु कर दिया है।
चलो आज तक आंदोलन और पर्दशन में पुलिस का बल प्रयोग तो सुना था पर पुलिस की सुरक्षा में उनके सहयोग से सरेआम RSS के लोग प्रदर्शनकारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटे ये कहाँ और किस देश का न्याय है?
उन प्रदर्शनकारियों का दोष केवल यही था की उनकी रैली RSS के ऑफिस के सामने से गुजरनी थी? क्या अब आरएसएस देश  संविधान से भी बड़ा हो गया है?
और दिल्ली पुलिस ने ये किसके दबाव में आकर किया? या किसके आदेश पर ये सब किया? ऐसे ही तो ये सब नहीं हुआ है, मैं फिर कह रहा हूँ लाठीचार्ज पहले भी होते आये है और इस सरकार ने पहले की सरकारों से हटकर कुछ नहीं किया। मोदी सरकार ने भी आंदोलन की आवाज कुचलने की कोशिश की। पर उससे भी हटकर जो हुआ की पुलिस और आरएसएस के लोग मिलकर सरेआम किसी की पिटाई करे?
उससे भी शर्म की बात है पुरुष पुलिसकर्मी छात्राओ के बाल पकड़कर घसीटे और लात घूंसों से छात्राओ की भी पिटाई करे, और पुलिस के सरक्षण में आरएसएस के गुंडे भी छात्राओ के कपड़े फाड़ दे ये कहाँ का न्याय है? ये तो सच में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जिस आपातकाल की तरफ इशारा कर रहे थे ये कहीं ये उसी आपातकाल की एक झलक तो नहीं है? जहां आप यदि आरएसएस और मोदी सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलेंगे तो पुलिस और आरएसएस के गुंडे आपकी पिटाई कर देंगे?
अफ़सोस छोटी से छोटी घटना पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देने वाले देश के सवा सो करोड़ भारतियों की बात करने वाले हमारे प्रधानमंत्री ही इस घटना पर चुप्पी साध लेते है, क्या देश के प्रधानमंत्री होने के नाते उनकी जवाबदेही नहीं है की जिन पुलिसकर्मियों ने ये अमानवीय कार्य किया है उन्हें तुरंत सजा दे?
मोदीजी आपकी तो कथनी और करनी में रात दिन का अंतर आ गया, कहाँ आप बात करते है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और आज जब उन्ही बेटियों को दिल्ली पुलिस और आरएसएस के गुंडे सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर पीट रहे है तो आप चुपचाप सब कुछ होने देते है, क्या आपकी चुप्पी इन सबको मौन स्वीकृति तो नहीं है?
सवा सो करोड़ का नाम भाषण में लेकर ताली बजवाना  आसान है मोदीजी पर  सवा सो करोड़  समान समझकर सबको न्याय और समान अधिकार दिलाने  की हिम्मत तो आपमें भी दिखाई नहीं देती है।
ये वो वीडियो है जिसमे आप साफ़ देख सकते है कैसे दिल्ली पुलिस बर्बरता पूर्वक आंदोलनकारियों को पीट रही है, कुछ युवक पुलिस की मौजूदगी में खुद भी प्रदर्शनकारियों को पीट रहे है, कैसे पुरुष पुलिसकर्मी छात्राओ को पीट रही है और कुछ न्यूज़ रिपोर्टर ने भी ट्वीट कर बताया की उन्हें भी कवरेज करने के कारण पीटा गया।
गजब की गुंडागर्दी है भाई, यानी दिल्ली पुलिस की गुंडागर्दी?

 
 Delhi Police and RSS Goons brutally assaulting student protesters outside RSS office