बुधवार, 20 सितंबर 2017

अनपढ़ो की फौज

हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार के शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे के नए अविष्कार (-1) + (-1 ) = 0 के बाद अभी अभी भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रिय टीम ने एक और नया आविष्कार किया है

14.98 ₹ + 9.02₹= 27.44 ₹

यक़ीन नहीं होता?

ये देखिये भारतीय जनता पार्टी की नेता अमित मालवीय जिनकी ट्विटर प्रोफाइल में लिखा है ( In-charge of BJP's national Information & Technology, ex-banker and an early stage investor. Interested in politics and economics.)

दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के राष्ट्रिय इंचार्ज जो खुद को ex-banker भी बताते है ने आज एक पोस्टर ट्वीट किया जिसमे उन्होंने यही दर्शाया है की 14.98 ₹ + 9.02 ₹ = 27.44 ₹ होता है|
ये उनका ट्वीट और ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी है




14.98 ₹ + 9.02 ₹ = 27.44 ₹
Amit Malviya @malviyamit tweeted this poster
In-charge of BJP's national Information & Technology, ex-banker and an early stage investor.

अब या तो भारतीय जनता पार्टी के फॉलो करने वालो को भाजपा की आईटी सेल के राष्ट्रिय इंचार्ज जी --- समझते है या फिर बेचारे ये खुद ही कभी स्कूल नहीं गए तो इन्हे ये जोड़ बाकी नहीं आता होगा, पर अफ़सोस ये खुद को बैंकर भी बताते है, सोचिये जिस व्यक्ति को 14.98 ₹ + 9.02 ₹ कितना होता है ये नहीं पता उसने यदि किसी बैंक की जिम्मेदारी संभाली होगी तो बैंक का तो दिवालिया निकाल दिया होगा|

आप देख सकते है कैसे भाजपा ने पूरी मशीनरी केवल और केवल झूंठ फैलाने में लगा रखी है|

रविवार, 17 सितंबर 2017

भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार के शिक्षा मंत्री के अनुसार (-1) + (-1) = 0 होता है

कितने पढ़े लिखे हो?
हाँ, आपसे ही पूछ रहा हूँ भाई!
गणित के विद्वान पंडित हो?
चलो तो बताओ (-) + (-) = ?

भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार के शिक्षामंत्री पर लगा महिला शि‍क्षक से अभद्रता का आरोप
भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार के शिक्षामंत्री पर लगा महिला शि‍क्षक से अभद्रता का आरोप
भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार में शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे जब निरीक्षण के लिए एक सरकारी स्कूल पहुंचे तो एक अध्यापिका से सवाल कर बैठे!
बताइये माइनस प्लस माइनस क्या होगा?

अक्सर जैसे सभी पढ़े लिखे लोग और विषय के जानकार व्यक्ति को जो जवाब देना चाहिए वही जवाब अध्यापिका ने भी दिया की माइनस प्लस माइनस बराबर माइनस ही होगा (-) + (-) = (-)
लेकिन भारतीय जनता पार्टी सरकार के शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे जी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अध्यापिका को सभी विद्यार्थियों और अधिकारियों के सामने पाठ पढ़ा दिया की (-) + (-) = + होगा लेकिन वो इस पर ही नहीं रुके इसके साथ साथ उन्होंने कई हिदायतें  दे डाली की ये एक बेसिक चीज है जो उन्हें पता होना चाहिए|
अब पता नहीं ये भारतीय जनता पार्टी अपने समर्थकों, विधायकों, मंत्रियों को कौनसी स्पेशल स्कूल में भेजकर क्या ख़ास पढ़ाई पढाते है जिसमे (-) + (-) = + हो जाता है|
देखिये पूरा विडिओ  (सौजन्य : NDTV India)
भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड सरकार के शिक्षामंत्री पर लगा महिला शि‍क्षक से अभद्रता का आरोप 


फिर शिक्षा मंत्री जी ने उदाहरण भी दिया  (-1) + (-1 ) = 0 होगा
चलो एक बार तो मान भी लिया की बीजेपी ने शिक्षा मंत्री का पद किसी ऐसे व्यक्ति को दे दिया होगा जो इतना पढ़ा लिखा नहीं हो और उस बेचारे को ये सब नहीं पता हो लेकिन बस सत्ता के अहंकार में उनसे सवाल कर लिया और अपना रौब दिखाने के लिए उसने उस महिला शिक्षक को नीचा दिखाने के लिए गलत जवाब को सही ठहरा कर उसका अपमान कर खुद के मंत्री पद की धौंस जमा दी, लेकिन इस पूरे प्रकरण में सोचने वाली बात ये है की वहाँ मौजूद किसी अधिकारी की इतनी हिम्मत नहीं हुई की वो शिक्षामंत्री को ये कह सके की नहीं सर आप गलत है और महिला शिक्षक सही है (-) + (-) = (-) ही होगा, कोई एक अधिकारी की इतनी हिम्मत नहीं हो पाई की वो सत्य का साथ दे सके|
कभी देखिये आप जब आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के मंत्री, विधायक, यहाँ तक मुख्यमंत्री तक जब जाते है लोग कैसे बिना किसी डर के अपनी रखते है, सवाल जवाब करते है|

आखिर भारतीय जनता पार्टी के झूंठ पर कुछ नहीं बोलने का ये डर लोगो के बीच कहाँ से आ गया, क्या ये एक महज संयोग है या लोगो को भी पता है की भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता, मंत्री, विधायक के झूंठ पर यदि किसी ने कुछ बोला तो उसका अंजाम उसे भुगतना होगा?
यदि ऐसा नहीं नहीं तो फिर मेरे पास कोई और कारण नहीं है जिसकी वजह भाजपा सरकार के मंत्री झूंठ बोलकर एक पूरी पीढ़ी को गलत शिक्षा दे रहे थे तब सभी अधिकारी चुपचाप देखते रहे, वो मंत्री जी को ये कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाए की आप गलत बता रहे है सर, हमारे विद्यार्थी इससे गलत सीखेंगे हमे उन्हें सही शिक्षा देनी चाहिए और सही ये है की (-) + (-) = (-) ही होता है|
दोस्तों यही तो गुलामी है, की आप ये जानते हुए की सामने वाला झूंठ बोल रहा है आप चुपचाप सहन करते है, सोचिये उसी कक्षा में यदि उनमे से किसी अधिकारी का बेटा/बेटी बैठी हो और वो बच्चा घर आने पर अपने उन अधिकारी पिताजी से पूछे की पापा वो मंत्री झूंठ बोल रहा था वो गलत पढ़ा रहा था आप चुप क्यों थे? आपने उन्हें सही क्यों नहीं किया?
अंग्रेजो की गुलामी के समय भी यही होता था हमे पता होता था की वो अंग्रेज अधिकारी झूंठ बोल रहा है लेकिन फिर भी देशवासियों को चुपचाप सहन करना पड़ता था|
इससे पहले की देर हो जाए अपनी आँखों पर पड़ा ये अंधभक्ति का पर्दा उठाइये और देखिये कैसे हम सब एक बार फिर गुलामी के दौर की तरफ बढ़ रहे है|
यदि मेरे इस लेख से किसी की भी भावनाये आहत हुयी हो तो मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूँ|


BJP Govt Uttarakhand education minister arvind pandey gives new thery of arithmetic

मंगलवार, 8 अगस्त 2017

आज वर्णिका है कल कोई और होगी


IAS की बेटी से छेड़छाड़ मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता का बेटा गिरफ्तारसभी बुद्धिजीवी जो आज चुपचाप अपने घरो में  बैठे है अपने दिल पर हाथ रखकर सच बोलना यदि ये लड़का भाजपा नेता का बेटा ना होकर किसी अन्य दल का होता तो क्या वो इसी तरह चुपचाप बैठे रहते? जो लोग गुरमेहर कौर को लेकर तरह तरह के कमेंट, गुस्सा, मारने, उसे पाकिस्तानी सिद्ध करने पर उतर आये थे वो आज अपने ही बीच की एक बेटी के साथ हुए इस डरावने सच पर चुप है| गुरमेहर ने केवल ये कहा था की युध्द समाधान नहीं है, उसने युद्ध में अपना पिता खोया है, और आज खुद प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी यही बोल रही है की युद्ध कोई समाधान नहीं है लेकिन फिर भी एक सामान्य नागरिक से लेकर बड़ी बड़ी हस्तियाँ, जिन फ़िल्मी सितारों के पास 1 मिनट का समय नहीं होता वो भी गुरमेहर को गरियाने के लिए सोशल मिडिया से लेकर टीवी पर बाइट देने तक कही कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे ताकि किसी तरह उस लड़की की आवाज को दबा दिया जाये| 


Chandigarh stalking case: Haryana chief Subhash Barala son Vikas Barala

एक IAS अधिकारी, वो भी उसी सरकार में जिसके नेता के बेटे ने उस अधिकारी की बेटी को दहशत भरे कुछ घंटे बिताने पर मजबूर कर दिया|
ऐसा ही कुछ हुआ था चंडीगढ़ की सड़को पर, वर्णिका की हिम्मत और किस्मत मानो की एक और निर्भया नहीं बनी, वरना जिस तरह से उस रात हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वर्णिका का जिस तरह से पीछा किया उससे तो यही लगता है, यदि भाजपा अध्यक्ष का बेटा अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो शायद हम सब एक शाम फिर से कैंडल मार्च कर अपनी सामजिक जिम्मेदारियां निभा देते लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वर्णिका बच गयी उन दरिंदो के चंगुल से|
पर समाज के लिए मुश्किल समय अब आ गया जब वर्णिका बच गयी और उसके बहादुर पिता आईएएस अधिकारी ने अपराधियों को सजा दिलाने के लिए मोर्चा खोल दिया|
जितना मुश्किल समाज के लिए अब है उतना मुश्किल नहीं होता यदि विकास भाजपा अध्यक्ष का बेटा ना होकर  अन्य दल के नेता का बेटा होता|
लेकिन आज उन्ही सभी तथाकथित VIP के पास एक बेटी को न्याय मिल सके इसके लिए कुछ शब्द भी नहीं है?
चलो उन VIP की तो समझ में आती है क्योंकि उनके इतने काले कारनामे होते है की यदि वो सरकार के खिलाफ कुछ भी बोले तो 1 मिनट में सरकार उन्हें सड़क पर ला सकती है अपनी तमाम एजेंसी उनके पीछे लगाकर अतः हम ये मानकर चल सकते है की वो सभी अभिनेता, कलाकार, खिलाड़ी केवल सत्ता के लिए भोपू का काम करते है, सरकार कुछ बोलती है तो वो भोपू बनकर उस आवाज को दूर तक पहुंचाने में मदद करते है|
 लेकिन इस देश के आम आदमी को क्या हो गया? जिस मिडिया से सरकारे डरती थी उस मिडिया को क्या  हो गया?
ठीक है आप सबकी अपनी अपनी प्राथमिकता और राजनितिक प्रतिबद्धता है लेकिन सोचिये आज जब एक IAS अधिकारी अपनी बेटी को न्याय नहीं दिला पा रहा है, या न्याय के लिए आवाज उठाने से पहले वो डर से भर जाता है की न्याय के लिए आवाज उठाने के बाद उसके और उसके परिवार के साथ कुछ भी हो सकता है तो एक आम आदमी की तो सुनने वाला बचा ही कहाँ है?
आप चुप रहिये, निभाइये अपने राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा पर याद रखिये आज वर्णिका है कल कोई और होगी, आज अगर आपके चुप रहने से ये रसूखदार लोग कानून के शिकंजों से बच निकलते है तो कल यदि ईश्वर ना करे ऐसा हो पर यदि आपके परिवार रिश्तेदार की बहन बेटी के साथ ऐसा होता है तो सच मानिये आप बहुत रोयेंगे उस दिन आज की अपनी इस ख़ामोशी पर|
जनता से बड़ा कुछ नहीं है, और जनता के पास जो ताकत है वो बड़े बड़े सिंहासनो को झुकने पर मजबूर कर सकती है फिर ये तो महज एक भाजपा नेता का बेटा है|
मैं ये नहीं कहता की भाजपा नेताओ की तरह आप उग्र प्रदर्शन करे, जैसे की हमे 2014 से पहले देखने को मिलते थे लेकिन कम से कम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाइये, और आज वर्णिका के लिए इन्साफ की मांग कीजिये| आज आप बोलेंगे तो कल को कोई और विकास अपने पिता के राजनीतिक पद का फायदा उठाकर किसी और वर्णिका का पीछा नहीं करेगा, और यदि आज आप खामोश रहे तो कल कोई  वर्णिका होगी, कल कोई और निर्भया होगी, आज जो दो चार लोग बोलने की हिम्मत जुटा रहे है वो भी धीरे धीरे खामोश हो जायेंगे या खामोश कर दिए जायेंगे|
निर्णय आपको लेना है, कोई और निर्भया ना देखने को मिले|
जय हिन्द
वंदे मातरम्

नोट - मेरे इस लेख से किसी की भी भावनाये आहत हुई हो तो मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूँ|


#ChandigarhStalking
#VarnikaKundu
BJP Haryana president Subhash Barala
Ashish 
Chandigarh Police
Chandigarh stalking case
#बेटी_बचाओ_भाजपा_से
#NoLaw4VVIPStalker
भाजपा के बेटे से भारत की बेटी बचाओ
 Link : IAS की बेटी से छेड़छाड़ मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता का बेटा गिरफ्तार